
नींद में चलना — और वह विकार जिससे इसे उलझाया जाता है
नींद में चलना गहरी NREM नींद से उठता है और सपने का अभिनय नहीं है। सपनों का अभिनय REM व्यवहार विकार है — एक अलग स्थिति, जिसकी जांच ज़रूरी है।
- नींद में चलना गहरी NREM नींद से उठता है और लगभग हमेशा रात के पहले तिहाई में होता है।
- यह सपने का अभिनय नहीं है — REM में मांसपेशियां लगभग बंद रहती हैं, इसलिए सपना शरीर तक पहुंचता ही नहीं।
- सपनों का अभिनय REM नींद व्यवहार विकार है, एक अलग स्थिति जिसमें REM का ठहराव विफल हो जाता है।
- उस विकार का कुछ तंत्रिका-संबंधी बीमारियों के बाद विकसित होने से प्रलेखित संबंध देखा गया है, इसलिए जांच ज़रूरी है।
- नींद में चलना ज़्यादातर बच्चों में होता है, पारिवारिक पैटर्न मज़बूत है, और नींद की कमी तथा शराब इसे भड़काते हैं।
नींद में चलने की सबसे आम कल्पना यह है कि व्यक्ति अपना सपना जी रहा है — जो सपने में भाग रहा है, वह असल में कमरे में चल रहा है। यह कल्पना गलत है, और उसे सुधारना इस लेख का मुख्य काम है।
नींद में चलना गहरी नींद से उठता है, सपने से नहीं। यह भी रात के आतंक की तरह एक NREM पैरासोम्निया है — यानी यह धीमी तरंगों वाली गहरी नींद से आधे-अधूरे जागने पर होता है, और इसीलिए लगभग हमेशा रात के पहले तिहाई में होता है। उस अवस्था में दिमाग का एक हिस्सा जागा हुआ होता है — इतना कि शरीर चल सके, चीज़ें उठा सके, कभी-कभी दरवाज़ा खोल सके — जबकि दूसरा हिस्सा गहरी नींद में रहता है। यही अधूरापन इसकी सारी खासियतें समझाता है: आंखें खुली पर खाली, हरकतें बेमकसद और अनाड़ी, बातचीत में जवाब अधूरे, और सुबह कुछ भी याद नहीं।
REM की तरफ़ से देखें तो यह और साफ़ हो जाता है। REM के दौरान ऐच्छिक मांसपेशियां लगभग बंद कर दी जाती हैं — इसी वजह से सपने का अभिनय संभव ही नहीं। यानी जिस चरण में सबसे विस्तृत सपने आते हैं, उसी में शरीर सबसे ज़्यादा बंधा होता है; और जिस चरण में चलना होता है, उसमें कहानी जैसे सपने आमतौर पर नहीं होते।
पर सपनों का अभिनय एक असली चीज़ है — और वह यह नहीं है। जब कोई व्यक्ति सचमुच अपने सपने के मुताबिक हरकत करता है — मुक्का मारना, लात चलाना, चिल्लाना, और जगाए जाने पर तुरंत होश में आकर वही सपना विस्तार से बताना — तो यह REM नींद व्यवहार विकार कहलाता है, एक बिल्कुल अलग स्थिति। इसमें REM का मांसपेशीय ठहराव ठीक से काम नहीं करता, इसलिए सपना शरीर तक पहुंच जाता है। यह ज़्यादातर बड़ी उम्र में शुरू होता है और चोट का असली जोखिम पैदा करता है — सोने वाले को भी और साथ सो रहे व्यक्ति को भी। इसकी सबसे अहम बात यह है कि इसका कुछ तंत्रिका-संबंधी बीमारियों के बाद में विकसित होने से एक प्रलेखित संबंध देखा गया है, इसलिए इसे टालने के बजाय दिखाना चाहिए।
दोनों को घर पर अलग पहचानने का सबसे आसान तरीका तीन सवाल हैं: यह रात के किस हिस्से में हुआ, जगाने पर व्यक्ति ने कोई सपना बताया या नहीं, और सुबह उसे कुछ याद रहा या नहीं। नींद में चलना — पहला तिहाई, कोई सपना नहीं, कुछ याद नहीं। सपनों का अभिनय — रात का दूसरा हिस्सा, सपना विस्तार से बताया गया, और अक्सर हरकत सपने की सामग्री से बिल्कुल मेल खाती है।
नींद में चलना ज़्यादातर बच्चों में होता है। यह स्कूल की उम्र में सबसे आम है और आमतौर पर किशोरावस्था तक अपने आप छूट जाता है; बड़ों के एक छोटे प्रतिशत में यह जारी रहता है। इसमें पारिवारिक पैटर्न मज़बूत है। भड़काने वाली बातें भी जानी-पहचानी हैं: नींद की कमी, शराब, बुख़ार, कुछ दवाओं का असर, और नींद को बार-बार तोड़ने वाली कोई भी स्थिति।
करने वाली बातें सुरक्षा के इर्द-गिर्द घूमती हैं, और यही सबसे उपयोगी हिस्सा है। बाहर के दरवाज़े और खिड़कियां बंद रखना, सीढ़ियों के रास्ते में कोई रुकावट रखना, फ़र्श पर टकराने वाली चीज़ें न छोड़ना, और चाबियां आसान पहुंच से हटा देना। घटना के दौरान व्यक्ति को झकझोरकर जगाने के बजाय धीरे से वापस बिस्तर की तरफ़ ले जाना बेहतर काम करता है, ठीक उन्हीं कारणों से जो रात के आतंक वाले लेख में बताए गए हैं। रोकथाम की तरफ़ सबसे भरोसेमंद कदम पर्याप्त और नियमित नींद है।
अगर घटनाएं बार-बार हो रही हैं, उनमें चोट लगने का जोखिम है, वे बड़ी उम्र में पहली बार शुरू हुई हैं, या उनमें सपने का अभिनय जैसा पैटर्न दिख रहा है — तो यह जांच का विषय है। अगर यह आपकी या आपके परिवार की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर असर डाल रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
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व्यक्तिगत व्याख्या पाएंयह किस पर आधारित है
- NREM पैरासोम्निया के रूप में नींद में चलने पर नींद-चिकित्सा की मानक समझ
- REM नींद व्यवहार विकार और उसके तंत्रिका-संबंधी संबंधों पर नैदानिक शोध
यह लेख केवल जानकारी के लिए है और डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है।