
नींद में चलने का सपना देखने का मतलब — व्याख्या
नींद में चलने का सपना देखने का क्या मतलब है — बिना किसी जागरूकता के शरीर का खुद ब खुद हरकत करना, और अलग-अलग परंपराएं इसे कैसे समझती हैं।
Somnovis संपादकीय टीम
सचेत स्वप्न में सपना देखने वाले को यह एहसास होता है कि वह सपने में है, और शरीर से बाहर के अनुभव में वह खुद को अपने शरीर से बाहर से देखता है — नींद में चलने का सपना इन दोनों के ठीक उलट है, क्योंकि यहां कोई जागरूकता नहीं होती, कोई नियंत्रण नहीं, शरीर खुद ब खुद हरकत करता रहता है जबकि मन कहीं और, पूरी तरह बेखबर, डूबा रहता है। सपने में नींद में चलना अक्सर उस बेबसी की ओर इशारा करता है जब सपना देखने वाले का शरीर कुछ करता रहे, जबकि उसकी अपनी मर्ज़ी या समझ उस काम में शामिल ही न हो।
सोते हुए घर में इधर-उधर घूमना, बाद में जागने पर कुछ भी याद न रहना। यह उस पूरी तरह बेखबर हालत को दिखाता है जहां शरीर ने कुछ किया, पर मन को उसकी कोई खबर ही नहीं — कोई स्मृति, कोई एहसास पीछे नहीं बचता।
नींद में चलते हुए किसी को अपना नाम पुकारते या हिलाते देखना, पर आवाज़ बिल्कुल भी सुनाई न देना। यह उस गहरे अलगाव को दिखाता है जब सपना देखने वाला अपने आसपास की असली दुनिया से पूरी तरह कट चुका होता है, भले ही शरीर उसी दुनिया में मौजूद हो।
विभिन्न परंपराओं की दृष्टि
शास्त्रीय इस्लामी स्वप्न-ग्रंथ नींद में चलने जैसी विशिष्ट अवस्था का सीधा उल्लेख नहीं करते, फिर भी सामान्य सिद्धांत यही रहता है कि शरीर की ऐसी बेखबर हरकत को अक्सर मन की किसी गहरी बेचैनी के संकेत के रूप में पढ़ा जाए, जो जागते हुए मन तक पहुंच ही नहीं पाती।
युंगियन दृष्टिकोण में नींद में चलने का सपना अवचेतन सामग्री के शरीर के ज़रिए सीधे काम करने का सबसे साफ उदाहरण है, जबकि अहं-चेतना पूरी तरह अनुपस्थित रहती है — मानस के नियंत्रण खो देने की सबसे तीखी छवि।
चीनी लोक परंपरा में इस विशिष्ट दृश्य के लिए कोई सीधा शास्त्रीय संदर्भ नहीं मिलता, फिर भी बेखबर होकर भटकने के सपने को अक्सर सेहत या मन की बेचैनी पर ध्यान देने की सलाह के तौर पर पढ़ा जाता है।
स्रोत
परंपरा वाले खंड इन कृतियों पर टिके हैं। इसका मतलब यह नहीं कि हर वाक्य उनसे उद्धरण है। इब्न सीरीन के नाम से प्रचलित ग्रंथ का लेखकत्व विवादित है। चीनी स्वप्न-ग्रंथ को केवल भावार्थ में दिया गया है, क्योंकि प्रतियों के शब्द अलग हैं, इसलिए संस्करण, अध्याय या वर्ष नहीं लिखा गया।
- Artemidorus of Daldis, Oneirocritica (2nd century).
- Muntakhab al-Kalām fī Tafsīr al-Aḥlām, the dream book attributed to Ibn Sirin.
- Zhou Gong Jie Meng (周公解梦).
- C. G. Jung, Man and His Symbols (1964), and the Collected Works.
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